शिव चालीसा | Shiv Chalisa

॥ दोहा ॥जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ॥ ॥ चौपाई ॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥भाल चन्द्रमा सोहत…

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परशुराम चालीसा | Parshuram Chalisa

॥ दोहा ॥ श्री गुरु चरण सरोज छवि, निज मन मन्दिर धारि।सुमरि गजानन शारदा, गहि आशिष त्रिपुरारि॥बुद्धिहीन जन जानिये, अवगुणों का भण्डार।बरणों परशुराम सुयश, निज मति के अनुसार॥ ॥ चौपाई…

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जन्‍माष्‍टमी व्रत कथा | Janmasthami Vrat Katha

भाद्रपद माह के कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी तिथि को जन्‍माष्‍टमी मनाई जाती हैं। मान्‍यता है कि श्रीकृष्‍ण जन्‍म की यह अद्भुत कथा सुनने मात्र से ही समस्‍त पापों का नाश…

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भादवा चौथ माता की व्रत कथा | Bhadwa Chauth Mata ki vrat katha

पुराने समय की बात है एक ब्राह्मण था जिसके घर एक बेटा और बहू थे। बेटा और पिता कुछ कमाते तो थे नहीं जो बहू के साथ आया हुआ दहेज…

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सोमवार व्रत कथा | Somvaar Vrat Katha

एक साहूकार था जो भगवान शिव का अनन्‍य भक्‍त था। उसके पास धन-धान्‍य किसी भी चीज की कमी नहीं थी। लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी और वह इसी कामना…

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बाबा गोरखनाथ जी आरती | Baba Gorakhnath Ji Aarti

जय गोरख देवा,जय गोरख देवा ।कर कृपा मम ऊपर,नित्य करूँ सेवा ॥शीश जटा अति सुंदर,भाल चन्द्र सोहे ।कानन कुंडल झलकत,निरखत मन मोहे ॥जय गोरख देवा..गल सेली विच नाग सुशोभित,तन भस्मी…

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