प्रशंसा । Pranshasa
प्रशंसा । Pranshasa शिल्पकार था। वह बहुत सुन्दर मूर्तियां बनाता था।उसे एक ज्योतिषी मिला। उसने शिल्पी से कहा,”बराबर एक महीने […]
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प्रशंसा । Pranshasa शिल्पकार था। वह बहुत सुन्दर मूर्तियां बनाता था।उसे एक ज्योतिषी मिला। उसने शिल्पी से कहा,”बराबर एक महीने […]
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हराम को छोड । Haram Ko Chhod एक दिन गाँधीजी सायंकाल की प्रार्थना करने के लिए बिरला मन्दिर जा रहे
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खन-खन आवाज । Khann-Khann Aawaj तीन लडके थे। पिता की सारी सम्पति बाँट ली मकान बाँटे, खेत बाँटे, जमीन जायदाद
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मेरी यात्रा पूर्ण हुई । Meri Yatra Purn Hui मेरा एक मित्र है, स्नेही है। उसका नाम है बरबाद। जूनागढ
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मन-आत्मा की तकरार । Man-Aatma Ki Takrar एक भिखारी रास्ते पर बैठकर भीख माँग रहा था। एक आदमी वहाँ से
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श्री हित चौरासी जी | Shree Hit Chaurasi Ji जोई जोई प्यारो करे सोई मोहि भावे, भावे मोहि जोई सोई
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श्री कृष्ण स्त्रोतं | Shree Krishan Strotam ॥ पार्वत्युवाच ॥ भगवन् श्रोतुमिच्छामि यथा कृष्णः प्रसीदति ।विना जपं विना सेवां विना
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श्री कार्तिकेय स्तोत्र | Shree Kartikeya Strotam स्कंद उवाच –योगीश्वरो महासेनः कार्तिकेयोऽग्निनन्दनः।स्कंदः कुमारः सेनानी स्वामी शंकरसंभवः॥1॥ गांगेयस्ताम्रचूडश्च ब्रह्मचारी शिखिध्वजः।तारकारिरुमापुत्रः क्रोधारिश्च
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शुक्र स्त्रोत | Shukar Strotam नमस्ते भार्गव श्रेष्ठ देव दानव पूजित ।वृष्टिरोधप्रकर्त्रे च वृष्टिकर्त्रे नमो नम: ॥1॥ देवयानीपितस्तुभ्यं वेदवेदांगपारग: ।परेण
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राहु स्तोत्र | Rahu Strotam ाहुर्दानव मन्त्री च सिंहिकाचित्तनन्दनः ।अर्धकायः सदाक्रोधी चन्द्रादित्यविमर्दनः ॥1॥ रौद्रो रुद्रप्रियो दैत्यः स्वर्भानुर्भानुमीतिदः ।ग्रहराजः सुधापायी राकातिथ्यभिलाषुकः
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