Devkatha

दुर्गा क्षमा-प्रार्थना मंत्र | Durga kshma-prathana Mantra (Hindi)

दुर्गा क्षमा-प्रार्थना मंत्र | Durga kshma-prathana Mantra (Hindi) हे परमेश्वरी मेरे द्वारा रात-दिन बहुत से अपराध होते रहते है। मुझे […]

दुर्गा क्षमा-प्रार्थना मंत्र | Durga kshma-prathana Mantra (Hindi) Read Post »

दुर्गा क्षमा-प्रार्थना मंत्र | Durga kshma-prathana Mantra

दुर्गा क्षमा-प्रार्थना मंत्र | Durga kshma-prathana Mantra अपराधसहस्त्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया।दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि ॥1॥ आवाहनं न जानामि न जानामि

दुर्गा क्षमा-प्रार्थना मंत्र | Durga kshma-prathana Mantra Read Post »

श्री जानकी स्तोत्रं | Shree Janaki Stotram

श्री जानकी स्तोत्रं | Shree Janaki Stotram जानकि त्वां नमस्यामि सर्वपापप्रणाशिनीम्जानकि त्वां नमस्यामि सर्वपापप्रणाशिनीम् ॥1॥ दारिद्र्यरणसंहर्त्रीं भक्तानाभिष्टदायिनीम् ।विदेहराजतनयां राघवानन्दकारिणीम् ॥2॥

श्री जानकी स्तोत्रं | Shree Janaki Stotram Read Post »

श्री जानकी स्तोत्रं | Shree Janaki Strotam

श्री जानकी स्तोत्रं | Shree Janaki Strotam जानकि त्वां नमस्यामि सर्वपापप्रणाशिनीम्जानकि त्वां नमस्यामि सर्वपापप्रणाशिनीम् ॥1॥ दारिद्र्यरणसंहर्त्रीं भक्तानाभिष्टदायिनीम् ।विदेहराजतनयां राघवानन्दकारिणीम् ॥2॥

श्री जानकी स्तोत्रं | Shree Janaki Strotam Read Post »

श्री गणेश स्तोत्रं । Shree Ganesh Stotram

श्री गणेश स्तोत्रं । Shree Ganesh Stotram प्रणम्य शिरसा देवं गौरी विनायकम् ।भक्तावासं स्मेर नित्यमाय्ः कामार्थसिद्धये ॥1॥ प्रथमं वक्रतुडं च

श्री गणेश स्तोत्रं । Shree Ganesh Stotram Read Post »

श्री गणेश स्तोत्रं । Shree Ganesh Strotam

श्री गणेश स्तोत्रं । Shree Ganesh Strotam प्रणम्य शिरसा देवं गौरी विनायकम् ।भक्तावासं स्मेर नित्यमाय्ः कामार्थसिद्धये ॥1॥ प्रथमं वक्रतुडं च

श्री गणेश स्तोत्रं । Shree Ganesh Strotam Read Post »

श्री लक्ष्मी स्तोत्रं । Shree Lakshmi Stotram

श्री लक्ष्मी स्तोत्रं । Shree Lakshmi Stotram सिंहासनगतः शक्रस्सम्प्राप्य त्रिदिवं पुनः ।देवराज्ये स्थितो देवीं तुष्टावाब्जकरां ततः ॥1॥ ॥ इन्द्र उवाच

श्री लक्ष्मी स्तोत्रं । Shree Lakshmi Stotram Read Post »

श्री लक्ष्मी स्तोत्रं । Shree Lakshmi Strotam

श्री लक्ष्मी स्तोत्र । Shree Lakshmi Strot सिंहासनगतः शक्रस्सम्प्राप्य त्रिदिवं पुनः ।देवराज्ये स्थितो देवीं तुष्टावाब्जकरां ततः ॥1॥ ॥ इन्द्र उवाच

श्री लक्ष्मी स्तोत्रं । Shree Lakshmi Strotam Read Post »

Scroll to Top