Devkatha

विनती सुनो गणराज | Vinti Suno Ganraj

विनती सुनो गणराज सभा में आज
बचाने लाज प्रभुजी मेरे आ जाना
मेरे बिगड़े बनाने काज
प्रभुजी मेरे आ जाना…

ना चाहू मै महल खजाना
ना कोइ महल अटारी
मैं तो करू गुनगान तुम्हारा
चाहु कृपा तुम्हारी
हो देवा चाहु कृपा तुम्हारी
तुम बिन कोई काम ना होता
प्रथम पूज्य गणराज
प्रभुजी मेरे आ जाना…

पिता तुम्हारे है त्रिपुरारी
माँ गिरजा महारानी
रिद्धि सिद्ध के तुम हो स्वामी
चूहा तेरी सवारी
देवा चूहा तेरी सवारी
विघ्न विनाशक तुम हो दाता
हे गणपति गणराज
प्रभुजी मेरे आ जाना…

आज खड़े दरबार में भगवन
हमको तेरा सहारा
हे भगवन हमको तेरा सहारा
मन की आशा पुरण करदो
सबने तुझको पुकारा
हे देवा सबने तुझको पुकारा
स्वर संगीत अमर हो मेरा
रख ले मेरे सरताज
प्रभुजी मेरे आ जाना…

विनती सुनो गणराज सभा में आज
बचाने लाज प्रभुजी मेरे आ जाना
मेरे बिगड़े बनाने काज
प्रभुजी मेरे आ जाना…

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