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चन्द्रमा बीज मंत्र | Chandrama Beej Mantra 

“ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः”

हे चंद्रमा, मैं तुम्हें प्रणाम करता हूँ”। यह मंत्र चंद्रमा की ऊर्जा को जगाने और मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन, बुद्धि और स्पष्टता को बढ़ाने के लिए जपा जाता है। इसमें “श्रां”, “श्रीं” और “श्रौं” बीज मंत्र हैं जो चंद्रमा की शक्ति को बढ़ाते हैं।

यह मंत्र चंद्र देव को समर्पित एक शक्तिशाली आह्वान है। अगर यह अच्छा हो तो सकारात्मक परिणाम देता है, लेकिन अगर यह कमज़ोर हो तो आपको घरेलू समस्याओं, आर्थिक उतार-चढ़ाव, शांति की कमी और अवसाद का सामना करना पड़ता है।

जप विधि:-

  • सोमवार के दिन स्नान कर सफेद वस्त्र धारण करें।
  • चांदी के पात्र में गंगाजल और दूध से अर्घ्य अर्पित करें।
  • सफेद पुष्प, चंदन और धूप दीप से पूजा करें।
  • चन्द्रमा की दिशा (उत्तर-पश्चिम) की ओर मुख करके 108 बार जप करें।
  • सफेद मिठाई (खीर, मिश्री, या दूध से बनी वस्तु) का भोग लगाएँ।

लाभ:-

  • मानसिक शांति और चिंता से मुक्ति मिलती है।
  • चन्द्र दोष (कुंडली में नीच या कमजोर चन्द्र) दूर होता है।
  • दांपत्य जीवन और पारिवारिक संबंधों में मधुरता आती है।
  • आर्थिक स्थिरता और सौभाग्य की वृद्धि होती है।
  • आकर्षण शक्ति और व्यक्तित्व में निखार आता है।
  • नकारात्मक विचार, अवसाद और चिड़चिड़ापन कम होता है।
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