चित्रगुप्त जी चालीसा | Chitragupt Ji Chalisa
॥ दोहा ॥सुमिर चित्रगुप्त ईश को, सतत नवाऊ शीश।ब्रह्मा विष्णु महेश सह, रिनिहा भए जगदीश॥करो कृपा करिवर वदन, जो सरशुती […]
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॥ दोहा ॥सुमिर चित्रगुप्त ईश को, सतत नवाऊ शीश।ब्रह्मा विष्णु महेश सह, रिनिहा भए जगदीश॥करो कृपा करिवर वदन, जो सरशुती […]
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||दोहा|| नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड ।दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुस्त को दांड्ड़ ।।मधु केटभ संहार कर
चामुण्डा माता जी चालीसा | Chamunda Mata Ji Chalisa Read Post »
॥ दोहा ॥विश्वेश्वर पदपदम की रज निज शीश लगाय ।अन्नपूर्णे, तव सुयश बरनौं कवि मतिलाय । ॥ चौपाई ॥ नित्य
अन्नपूर्णा माता जी चालीसा | Aanpurna Mata Ji Chalisa Read Post »
जय गोरख देवा,जय गोरख देवा ।कर कृपा मम ऊपर,नित्य करूँ सेवा ॥शीश जटा अति सुंदर,भाल चन्द्र सोहे ।कानन कुंडल झलकत,निरखत
बाबा गोरखनाथ जी आरती | Baba Gorakhnath Ji Aarti Read Post »
ॐ जय खेतरपाल देवा, स्वामी जय खेतरपाल देवा।छिन-छिन भोग लगाऊँ, मोदक और मेवा ।।ॐ जय खेतरपाल देवा..तुम करूणा के सागर,
बाबा खेतरपाल जी आरती | Baba Khetarpal Ji Aarti Read Post »
पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मन्दिर शोभितम्।निकट गंगा बहत निर्मल,श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम्॥शेष सुमिरन, करत निशदिन,धरत ध्यान महेश्वरम्।वेद ब्रह्मा करत स्तुति
श्री बद्रीनाथ जी आरती | Shree Badrinath Ji Aarti Read Post »
जय जय पितर जी महाराज, मैं शरण पड़यों हूँ थारी।शरण पड़यो हूँ थारी बाबा, शरण पड़यो हूँ थारी।।जय जय पितर
पितर जी आरती | Pitar Ji Aarti Read Post »
ॐ जय जगदानन्दी,मैया जय आनंद कन्दी ।ब्रह्मा हरिहर शंकर,रेवा, शिव हरि शंकर, रुद्रौ पालन्ती ॥ॐ जय जगदानन्दी..देवी नारद सारद तुम
नर्मदा जी आरती | Narmada Ji Aarti Read Post »
जय जय तुलसी माता,सब जग की सुख दाता, वर दाताजय जय तुलसी माता ।।सब योगों के ऊपर, सब रोगों के
तुलसी माता जी आरती | Tulsi Mata Ji Aarti Read Post »
ओम जय श्री जीण मइया , बोलो जय श्री जीण मइया।सच्चे मन से सुमिरे , सब दुःख दूर भया ।।ओम
जीण माता जी आरती | Jeen Mata Ji Aarti Read Post »