Devkatha

चली जा रही है उम्र | Chali Ja Rahi Hai Umar

चली जा रही है उम्र धीरे धीरे,
पल पल आठों पहर धीरे धीरे,
जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे,
चली जा रही है उमर धीरे धीरे ॥

बचपन भी जाए जवान भी जाए,
बुढापा का होगा असर धीरे धीरे,
चली जा रही है उमर धीरे धीरे,
छोटी सी जिंदगानी चार दिन की जवानी,
चली जा रही है उम्र धीरे धीरे ॥

शिथल अंग होंगे सब इक दिन तुम्हारे,
फिर मंद होगी नज़र धीरे धीरे,
चली जा रही है उम्र धीरे धीरे,
छोटी सी जिंदगानी चार दिन की जवानी ॥

बुराई से मन को तू अपने हटा ले बन्दे,
बन जाए तेरा जीवन धीरे धीरे,
चली जा रही है उम्र धीरे धीरे ॥

भजन कर हरी का तू पल पल प्यारे,
मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे,
चली जा रही है उम्र धीरे धीरे ॥

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