अंजनी माता जी चालीसा | Anjani Mata Ji Chalisa
।। दोहा ।। चैत्र सुदी वैसाख सुदी, जेष्ठ सुदी को जान।आसाढ़ श्रावण सुदी, चौदस को पहचान।।भादुड़ा आसौज की, और कार्तिक […]
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।। दोहा ।। चैत्र सुदी वैसाख सुदी, जेष्ठ सुदी को जान।आसाढ़ श्रावण सुदी, चौदस को पहचान।।भादुड़ा आसौज की, और कार्तिक […]
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॥ दोहा ॥गरुड़ वाहिनी वैष्णवी त्रिकूटा पर्वत धाम।काली, लक्ष्मी, सरस्वती शक्ति तुम्हें प्रणाम॥ ॥ चौपाई ॥नमो: नमोः वैष्णो वरदानी, कलि
वैष्णो देवी जी चालीसा | Vaishno Devi Ji Chalisa Read Post »
प्रथमहिं गुरुको शीश नवाऊँ । हरिचरणों में ध्यान लगाऊँ ॥गीत सुनाऊँ अद्भुत यार । धारण से हो बेड़ा पार ॥
भगवद गीता जी चालीसा | Bhagwat Geeta Ji Chalisa Read Post »
॥ दोहा ॥ प्रन्वाऊ प्रथम गुरु चरण, बुद्धि ज्ञान गुन खान।श्री गणेश शारद सहित, बसों ह्रदय में आन॥अज्ञानी मति मंद
ब्रहस्पति देव जी चालीसा | Brihaspati Dev Ji Chalisa Read Post »
||दोहा|| खेतरपाल संकट हरो, मंगल करो सब काम।शरण तुम्हारी आन पड़े, दर्श दिखाओ आन ।।चालीसा तेरी गाउं मै, दयो ज्ञान
बाबा खेतरपाल जी चालीसा | Baba Khetarpal Ji Chalisa Read Post »
॥ दोहा ॥सुमिर चित्रगुप्त ईश को, सतत नवाऊ शीश।ब्रह्मा विष्णु महेश सह, रिनिहा भए जगदीश॥करो कृपा करिवर वदन, जो सरशुती
चित्रगुप्त जी चालीसा | Chitragupt Ji Chalisa Read Post »
||दोहा|| नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड ।दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुस्त को दांड्ड़ ।।मधु केटभ संहार कर
चामुण्डा माता जी चालीसा | Chamunda Mata Ji Chalisa Read Post »
॥ दोहा ॥विश्वेश्वर पदपदम की रज निज शीश लगाय ।अन्नपूर्णे, तव सुयश बरनौं कवि मतिलाय । ॥ चौपाई ॥ नित्य
अन्नपूर्णा माता जी चालीसा | Aanpurna Mata Ji Chalisa Read Post »