स्कंदमाता आरती | Skandmata Aarti
जय तेरी हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता॥सब के मन की जानन हारी। जग जननी सब की महतारी॥जय तेरी […]
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जय तेरी हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता॥सब के मन की जानन हारी। जग जननी सब की महतारी॥जय तेरी […]
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जय सिद्धिदात्री मां तू सिद्धि की दाता।तू भक्तों की रक्षक तू दासों की माता।तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि।तेरे
माँ सिद्धिदात्री आरती | Ma Siddhidatri Aarti Read Post »
जय चामुंडा माता मैया जय चामुंडा माता।शरण आए जो तेरे सब कुछ पा जाता।। चंड मुंड दो राक्षस हुए हैं
माँ चामुण्डा देवी आरती | Ma Chamunda Devi Aarti Read Post »
जय मां चंद्रघंटा सुख धाम। पूर्ण कीजो मेरे सभी काम।।चंद्र समान तुम शीतल दाती। चंद्र तेज किरणों में समाती।। क्रोध
माँ चंद्रघंटा आरती | Ma Chandraghanta Aarti Read Post »
कूष्मांडा जय जग सुखदानी।मुझ पर दया करो महारानी॥ पिगंला ज्वालामुखी निराली।शाकंबरी माँ भोली भाली॥ लाखों नाम निराले तेरे ।भक्त कई
माँ कूष्माण्ड आरती | Ma Kushmanda Aarti Read Post »
जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।।ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो।।जय अंबे
ब्रह्माचारिणी देवी आरती | Brahmacharini Devi Aarti Read Post »
खाटूश्याम जी आरती | Khatushyam Ji Aarti ॐ जय श्री श्याम हरे, प्रभु जय श्री श्याम हरे।निज भक्तन के तुमने,
खाटूश्याम जी आरती | Khatushyam Ji Aarti Read Post »
आरती श्री वृषभानुसुता की, मंजुल मूर्ति मोहन ममता की ॥ त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि, विमल विवेकविराग विकासिनि ।पावन प्रभु पद
राधारानी आरती | Radharani Aarti Read Post »
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥जय जय श्री शनि देव…. श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी।नी लाम्बर
शनिदेव आरती | Shanidev Aarti Read Post »
प्राचीन काल में एक साहूकार था जिनके सात पुत्र थे। सातों की शादी हो चुकी थी। सबसे छोटे पुत्र की
नाग पंचमी व्रत कथा | Nag Panchami Vrat Katha Read Post »