बृहस्पति स्तोत्रं | Brihaspati Stotram
बृहस्पति स्तोत्रं | Brihaspati Stotram पीताम्बर: पीतवपु: किरीटी, चतुर्भुजो देवगुरु: प्रशान्त: ।दधाति दण्डं च कमण्डलुं च, तथाक्षसूत्रं वरदोsस्तु मह्यम ॥1॥ […]
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बृहस्पति स्तोत्रं | Brihaspati Stotram पीताम्बर: पीतवपु: किरीटी, चतुर्भुजो देवगुरु: प्रशान्त: ।दधाति दण्डं च कमण्डलुं च, तथाक्षसूत्रं वरदोsस्तु मह्यम ॥1॥ […]
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बृहस्पति स्त्रोतं | Brihaspati Strotam पीताम्बर: पीतवपु: किरीटी, चतुर्भुजो देवगुरु: प्रशान्त: ।दधाति दण्डं च कमण्डलुं च, तथाक्षसूत्रं वरदोsस्तु मह्यम ॥1॥
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बुध स्तोत्रं | Budh Stotram पीताम्बर: पीतवपु किरीटी, चतुर्भुजो देवदु:खापहर्ता ।धर्मस्य धृक सोमसुत: सदा मे, सिंहाधिरुढ़ो वरदो बुधश्च ॥1॥ प्रियंगुकनकश्यामं
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बुध स्त्रोतं | Budh Strotam पीताम्बर: पीतवपु किरीटी, चतुर्भुजो देवदु:खापहर्ता ।धर्मस्य धृक सोमसुत: सदा मे, सिंहाधिरुढ़ो वरदो बुधश्च ॥1॥ प्रियंगुकनकश्यामं
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गुरु पादुका स्तोत्रम् | Guru Paduka Stotram ॥ श्री गुरु पादुका स्तोत्रम् ॥ अनंत-संसार समुद्र-तार नौकायिताभ्यां गुरुभक्तिदाभ्याम् ।वैराग्य साम्राज्यद पूजनाभ्यां
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गुरु पादुका स्तोत्रम् | Guru Paduka Strotam ॥ श्री गुरु पादुका स्तोत्रम् ॥ अनंत-संसार समुद्र-तार नौकायिताभ्यां गुरुभक्तिदाभ्याम् ।वैराग्य साम्राज्यद पूजनाभ्यां
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यज्ञ की पूर्णाहुति । Yagh Ki Purnahuti महाराज युधिष्ठिर ने एक बार यज्ञ किया। यज्ञ में अन्तिम आहुति अर्पण की
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शीशे को बदलो पर | Shishe Ko Badlo Par जूनागढ मे शिवरात्रि का मेला लगा था। एक वृद्धा मेले में
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सद्गृहस्थ | Sadgrahsth स्वामी विवेकानंदजी ऐसे ही संत थे, जिन्होंने परदेश की जमीन पर भारतीय संस्कृति का ध्वज लहराया। गुरु
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गुप्तदान | Guptdan भारत में किसी मन्दिर का जीर्णोद्धार हो रहा था। पचास हजार रुपयों की जरूरत थी। ट्रस्टी गये
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