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राहु बीज मंत्र | Rahu Beej Mantra

ॐ रां राहवे नमः।

अर्थ:-

“मैं राहु देव को उनके बीज मंत्र ‘रां’ द्वारा श्रद्धा सहित नमन करता हूँ।”

जाप विधि :-

  • राहु काल (हर दिन का एक विशेष समय, अक्सर दोपहर 12 से 1:30 बजे के बीच)
  • शनिवार को विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
  • सूर्यास्त के बाद भी कर सकते हैं।
  • काले या नीले रंग के आसन पर बैठें।
  • पश्चिम दिशा की ओर मुख करके बैठें।
  • रुद्राक्ष या हकीक की माला (108 मोतियों वाली)
  • रोज कम से कम 1 माला (108 बार) जाप करें
  • लगातार 40 दिन तक करें – राहु की ऊर्जा को संतुलित करने के लिए

जाप के फायदे:-

  • राहु के अशुभ प्रभाव (भ्रम, भय, अचानक नुकसान, बाधाएं) से राहत
  • इस मंत्र से कालसर्प दोष के प्रभाव को शांत किया जा सकता है
  • तनाव, भय, चिंता और नकारात्मक विचार दूर होते हैं
  • राहु से संबंधित करियर में सफलता मिलती है
  • इन समयों में यह मंत्र विशेष प्रभावी होता है

जरूरी सुझाव:-

  • राहु से संबंधित रत्न (जैसे गोमेद) पहनने से पहले किसी अच्छे वैदिक ज्योतिषी से परामर्श लें।
  • राहु मंत्र के दौरान मांस-मदिरा, क्रोध और असत्य से बचें।
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