Devkatha

अरे लंका वालों दशानन | Are Lanka Walo Dashanan

अरे लंका वालों, दशानन से कह दो,
अरे लंका वालों, दशानन से कह दो,
हनुमान लंका जला के चला है,
चुराते हो सीता मैया को छल से,
समझलो तुम्हारी अपनी बला है,
अरे लंका वालों, दशानन से कह दो,
हनुमान लंका जला के चला है ॥

उजाड़े हैं मैंने ये बाग सारे
संभल जाओ वर्मा जाओगे मारे
गदा से गिराए दानव हज़ारों
हनुमान ऐसा करके चला है,
अरे लंका वालों, दशानन से कह दो,
हनुमान लंका जला के चला है ॥

ये सोने की लंका जला के चला हूँ
अंजाम तुमको बता के चला हूँ
सर पे खड़कती है रावण तुम्हारे
समझ लो खड़काने का समय आ गाया है,
अरे लंका वालों, दशानन से कह दो,
हनुमान लंका जला के चला है ॥

अहंकार छोड़ो ना जीवन गँवाओ
बेवक्त अपनी जान ना गँवाओ
करेगा तुम्हें भी बर्बाद रावण
तुमको ये हनुमत बता के चला है
अरे लंका वालों, दशानन से कह दो,
हनुमान लंका जला के चला है ॥

अरे लंका वालों, दशानन से कह दो,
अरे लंका वालों, दशानन से कह दो,
हनुमान लंका जला के चला है,
चुराते हो सीता मैया को छल से,
समझलो तुम्हारी अपनी बला है,
अरे लंका वालों, दशानन से कह दो,
हनुमान लंका जला के चला है ॥

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