विष्णु स्त्रोत | Vishnu strot
किं नु नाम सहस्त्राणि जपते च पुन: पुन: ।यानि नामानि दिव्यानि तानि चाचक्ष्व केशव: ॥ मत्स्यं कूर्मं वराहं च वामनं […]
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किं नु नाम सहस्त्राणि जपते च पुन: पुन: ।यानि नामानि दिव्यानि तानि चाचक्ष्व केशव: ॥ मत्स्यं कूर्मं वराहं च वामनं […]
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कालिका स्तोत्रं | Kalika Stotram श्रीगणेशाय नमः ॥ दधन्नैरन्तर्यादपि मलिनचर्यां सपदि यत्सपर्यां पश्यन्सन् विशतु सुरपुर्यां नरपशुः ।भटान्वर्यान् वीर्यासमहरदसूर्यान् समिति याजगद्धुर्या काली
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श्रीगणेशाय नमः ॥ दधन्नैरन्तर्यादपि मलिनचर्यां सपदि यत्सपर्यां पश्यन्सन् विशतु सुरपुर्यां नरपशुः ।भटान्वर्यान् वीर्यासमहरदसूर्यान् समिति याजगद्धुर्या काली मम मनसि कुर्यान्निवसतिम् ॥
कालिका स्त्रोत | Kalika Strot Read Post »
ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् ।रावणं चाग्रतो दृष्टवा युद्धाय समुपस्थितम् ॥ दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम् ।उपगम्याब्रवीद् राममगरत्यो भगवांस्तदा ॥ राम
आदित्य हृदय स्तोत्र | Aditya Hridaya Stotra Read Post »
गणेश जी की कथा एक बुढ़िया थी। वह बहुत ही ग़रीब और अंधी थीं। उसके एक बेटा और बहू थे।
गणेश जी की कथा | Ganesh Ji Ki Katha Read Post »
एक बुढ़िया माई रोज मिट्टी के गणेश जी की पूजा करती थी।बेचारी बुढ़िया के बनाए गणेश जी रोज गल जाते
बिंदायक जी की कथा | Bindayak Ji Ki Katha Read Post »
जय चित्रगुप्त यमेश तव, शरणागतम् शरणागतम् ।जय पूज्यपद पद्मेश तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥ जय देव देव दयानिधे, जय दीनबन्धु कृपानिधे
चित्रगुप्त स्तुति | Chitragupt Stuti Read Post »
विश्वंभरी अखिल विश्व तनी जनेता,विद्या धरी वदनमा वसजो विधाता,दुर्बुद्धिने दूर करी सदबुद्धि आपो,माम पाहि ओम भगवती भव दुख कांपों। भूलो
विश्वम्भरी स्तुति | Vishvambhari Stuti Read Post »
शालिग्राम सुनो विनती मेरी ।यह वरदान दयाकर पाऊं ॥ प्रात: समय उठी मंजन करके ।प्रेम सहित स्नान कराऊँ ॥ चन्दन
शालिग्राम आरती | Shaligram Aarti Read Post »
करणी माँ स्तुति | Karni Ma Stuti करणी घण करणी कृपा ,धरणी उर धणियाप ।माँ करणी मोटा धणी , माँ
करणी माँ स्तुति | Karni Ma Stuti Read Post »